Showing posts with label Abhshek Bachchan. Show all posts
Showing posts with label Abhshek Bachchan. Show all posts

Thursday, April 19, 2007

बन्‍ने के वंदनवार और महाता उन्‍राओ की सूनी ऑंखें


बन्‍ने के वंदनवार


महाता उन्‍राओ की सूनी ऑंखें

ये दो अलग तस्‍वीरें हैं और इनमें यदि आपको आपस में कोई संबंध नहीं दिखाई देता तो दोष आपका नहीं क्‍योंकि अरअसल ये हैं ही अलग अलग समाचारों और सरोकारों से जुड़ी तस्‍वीरें बस हुआ इतना भर है कि आज के हिंदुस्‍तान टाईम्‍स में ये आमने सामने के पेज पर छपीं हैं और कई विसंगतियों को खुद व्‍यक्‍त करतीं हैं। कल नीरज दीवान ने निमंत्रण पत्र छापकर इस शादी नं. 1 की सूचना पोस्‍ट की थी जिसकी सजावट यहाँ हो रही है।

दूसरी ओर वे हैं जो चिंता नं. 1 होनी चाहिए पर है नहीं।