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Thursday, July 12, 2007

विश्‍व हिंदी सम्मेलन से क्‍या उम्‍मीद रखें


विश्‍व हिंदी सम्‍मेलन समय समय पर होने वाले एक बहुत बड़ा अनुष्‍ठान है। इस बार ये न्‍यूयार्क में बस कल ही शुरू होने ही वाला है। हमने एक पिछली पोस्‍ट में समर्थ चिट्ठाकारों से आग्रह किया था कि यथासंभव अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। बाकी हिंदी प्रेमियों की ही तरह हम भी इस तरह के आयोजनों को लेकर थोड़े बहुत असमंजस में तो होते ही हैं लेकिन जैसा पहले कहा था कि अब वह उम्र नहीं रही कि सिनीकल होकर कहें कि देश भर के हिंदी माफिया, सरकारी खर्च पर इकट्ठे होकर पहुँच रहे हैं, नेता, पत्रकार, प्रोफेसर, आलोचक, ....। भले ही इसका अधिकांश सच हो फिर भी अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर हिंदी का इतना बड़ा उत्‍सव है तो स्‍वागतयोग्‍य ही।


सम्‍मेलन की अधिकारिक बेवसाईट यहॉं है। तथा सम्‍मेलन का कार्यक्रम भी वहीं है। कम से कम कुछ चिट्ठाकार तो वहॉं हैं ही। चकल्‍ल‍स वाले अशोक चक्रधर तो मुख्‍य कर्ता धर्ता हैं ही। अनुगूंज के रिपुदमन भी रहेंगे ऐसा उन्‍होंने बताया। अशोकजी वहॉं सम्‍मेलन समाचार निकालने वाले हैं जिसके लिए एक टीम बाकायदा वहॉं जिससे हमें उम्‍मीद है कि सम्‍मेलन की कार्यवाही की रपट निरंतर मिलती रहेगी। हमें मिलेगी तो हम ब्‍लॉग पर डालेंगे।


अब रह गया ये सवाल कि वहॉं हिंदी चिट्ठाकारी पर बात होगी कि नहीं और अगर होगी तो उसकी दिशा क्‍या होगी। इस प्रकार के बड़े सम्‍मेलनों में हर पक्ष को अपनी बात पर ध्‍यान आकर्षित के लिए बहुत लॉबिंग करनी पड़ती है- तो चिटृठाकार मित्र अगर खुद वहॉं पहुँच रहे हैं तो भी वरना जो पहुँच रहे हैं उन तक आवाज पहुँचाई जाए कि चिट्ठाकारी को इस मंच का समर्थन मिल सके।


Monday, March 26, 2007

विश्‍व हिंदी सम्‍मेलन 2007 : छा जाओ चिट्ठाकारो

एक मित्र मिले, पत्रकार हैं हमारे अनुजवत् हैं उन्‍होंने हमें सूचना दी कि अगला विश्‍व हिंदी सम्‍मेलन न्‍यूयार्क में 13-15 जुलाई को हो रहा है और वे सरकारी प्रतिनिधि की हैसियत से उसमें भागीदारी करेंगे। सम्‍मेलन भारतीय विद्या भवन और अन्‍य कई संस्‍थाओं के सहयोग से विदेश मंत्रालय कराता है और जुगाड़-सेटिंग वगैरह वगैरह की सारी कलाबाजियॉं इसमें होती है और हम पहले से भी इससे खासे वाकिफ़ हैं लेकिन अभी इतने सिनीकल नहीं हो पाएं हैं कि कोई आशा ही न रखें।
तो भैया लोग हम तो इसे हिंदी चिट्ठाकारी के लिए सही मौके की तरह देख रहे हैं।
अमरीका और कनाडा के वे चिट्ठाकार जो 13-15 जुलाई के बीच 27वीं स्‍ट्रीट 7वाँ ऐवेन्‍यू न्‍यू यार्क पहुचने की जहमत और खर्चा उठा सकते हों (या सरकारी खर्चे का जुगाड़ कर सकते हों) कृपया करें। और जोर शोर से हिंदी चिट्ठाकारी की बात वहाँ उठाएं। हमने पिछले दिनों एक नेशनल कांफ्रेंस में हिंदी चिट्ठाकारी पर परचा पढ़ा था इसलिए काफी सामग्री इसके सिद्धांत, पहचान और भाषा वगैरह पर तैयार है और भी परिश्रम कर आपके मतलब की सामग्री आपको देने के लिए तैयार हैं। इन मित्र को तो हम खैर पूरी तरह तैयार करके भेजेंगे ही। जितने हो सकें चिट्ठाकार वहाँ रहें और संभव हो तो एकाध सत्र या परचा इस विषय पर जुटा लें, हिंदी चिट्ठाकारी के लिए अच्‍छा रहेगा। और भी योजनाएं बनाई जा सकती हैं।पत्रकार-चिट्ठाकार भी काफी सहयोग कर सकते हैं।तो अविनाश, मिर्ची सेठ, समीर भाई और अन्‍य चिट्ठाकारो गाड़ दो झंडे....