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Tuesday, June 26, 2007

कौन है ये धुरविरोधी

जब धुरविरोधी ने हटने की घोषणा की तो रा च मिश्राजी ने घूम घूमकर लोगों को मेल-ऊलकर भी ये जताया कि भई ब्‍लॉग डिलीट नहीं हुआ है- हो जाए तो कहना-

जब डिलीट कै दिहिन तब बतावै आय अहा, तब तक देख्या नाही का कि मसिजीवी सेव करत रहें जौन कुछ इन्टरनेट से मिलै के असार रहा।



तो भई तकनीक वकनीक तो अपन पहले ही कह चुके हैं कि मंगलू-पग्‍गल हैं, क्‍या कहें हमारे लिए तो जो शब्‍द सार्वजनिक स्‍पेस से बाहर धकेल दिया गया वह हत्‍या/आत्‍महत्‍या कहा जाएगा। आज देखा तो दिखा कि ब्‍लॉग डिलीट कर दिया गया है। क्‍या कहें...किंतु कुछ बातें और ये धुरविरोधी के खिलाफ हैं, ये नहीं कि आप बहुत भावुक हो गए...वगैरह वगैरह। अरे शब्‍दों के मजदूर और विरोधजीवी भावनाओं में नहीं खेलेंगे तो क्‍या कोड/प्रोग्राम जीवी खेलेंगे पर बंधु इन पोस्‍टों व टिप्‍पणियों पर हमारा भी कुछ हक था। हमने कुछ पोस्‍ट मय टिप्‍पणियॉं सेव की थीं पर सबको फिर से पोस्‍ट करना आता नहीं- एक एक कर कुछ पोस्‍टों को पोस्‍ट करेंगे। ये एक नया ब्‍लॉग बनाकर किया जा रहा है- इसे चोरी मानते हो तो हम कहेंगे कि जिसका माल है वो आकर वापस ले जाए हमें खुशी ही होगी। नए ब्‍लॉग को नारद पर नहीं डाला जा रहा है।

कौन है ये धुरविरोधी आप सब की पढ़ी हुई ही पोस्‍ट है...नारद की सबसे लोकप्रिय पोस्‍ट है( मान गए कवि को क्‍यों नहीं माना जा रहा ये आप, हम, समीरजी सब जानते हैं) तो क्लिक करें-

कौन है ये धुरविरोधी