बाबा नागार्जुन की प्रसिद्ध कविता है ‘गुलाबी चूडियाँ’। घर में सामान इधर उधर करते सी आई ई टी की एक सीडी दिखी याद आया कि इसमें नागार्जुन खुद इस कविता को कक्षा दस के विद्यार्थियों (सी बी एस ई के पाठ्क्रम में यह कविता थी) को समझाते हुए फिल्माए गए हैं। कॉंट छॉंट कर उस हिस्से को आपके लिए पेश करने लायक तैयार करना मुझ जैसे के लिए आसान नहीं था पर खैर पेश है- गुलाबी चूडियॉं