Tuesday, July 01, 2008

एडसेंस की हिन्‍दी को पूर्ण-विदाई !!

आज ही गूगल एडसेंस की मेल आई है कि वे एडसेंस की रेफरेल योजना ( AdSense Referrals programme ) को विदा करने वाले हैं। उनकी मेल का अनुवाद है-

ऐडसेंस रेफ़रल कार्यक्रम में भाग लेने के लिए धन्यवाद . हम
अगस्‍त के अंतिम सप्‍ताह में ऐडसेंस रेफ़रल कार्यक्रम को समाप्‍त कर रहे हैं . उस समय के बाद , ऐडसेंस कोड विज्ञापन प्रदर्शित करनप बंद कर देगा

ऐसा वे सिर्फ हिन्‍दी के साथ नहीं कर रहे हैं जैसा कि उन्‍होंने एडसेंस के मामले में किया है वरन वे रेफरेल की व्‍यवस्‍था ही खत्‍म कर रहे हैं। किंतु हिन्‍दी के लिए इसका मतलब ये हुआ है कि एडसेंस के कंटेंट आधारित विज्ञापन तो उन्‍हें मिलने पहले ही बंद हो गए थे जो थेड़ी बहुत कमाई संभव थी वह केवल रेफरेल विज्ञापनों से ही थी। अब रेफरेल विज्ञापन भी बंद हो जाएंगे। पेशेवर हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग का सपना अब और दूर खिसक जाएगा। यदि गूगल से परे सोचकर हिन्‍दी के चिट्ठाकार आगे बढ़ना चाहें तब भी राह आसान नहीं क्‍योंकि कोई भी अन्‍य विज्ञापन प्रदाता अभी भी पर्याप्‍त विज्ञापन जुगाड़ने में सफल नहीं हो पा रही है।

लगता है कि ब्‍लॉगिंग के भरोसे नौकरी छोड़ने का सपना पूरा होने से पहले ही हम रिटायर हो चुके होंगे। :))

6 comments:

Raviratlami said...

चलिए, आपने सपने तो देखे :)

मुझे लगता है कि एकाध साल में हिन्दी में पूरा एडसेंस आना चाहिए. 2009 के समाप्त होते तक तो आ ही जाएगा (महज भविष्यवाणी समझें, जीतू स्टाईल अंदर की खबर नहीं,), उम्मीद करें 2008 तक आ जाए.

ghughuti said...

सपना मेरा टूट गया ! :(
:( :( :(
घुघूती बासूती

अल्पना वर्मा said...

jaankari achchee hai--ab jo thode se add lagaye hain page par unhen nikal denge--page bhi neat ho jayega-
-ad sense ki kamaayee par itna bharosa tha aap ko???

Anonymous said...

koi bhi videshi company indian bloggers ko paesaa kyon dena chahegee ??

Pramod Singh said...

इतना असानी से नवकरी छोड़ने का सपना देखने लगते हैं? जबकि पाने का सपना देश में बच्‍चा लोग इतना कांख-कांखकर देखता है, और तब्‍बो पाता नहीं है? नवकरी?

indscribe said...

I feel...it may take some more time but the adsense will definitely arrive for Hindi in a big way.

And when it will arrive, it will be old bloggers like you, who will earn a lot.

Ravi Ratlami Sahab to khair abhi bhi laakhon mein khel rahe honge ;)