Thursday, September 17, 2009

अरे मेरा विश्‍वविद्यालय खो गया है

अभी कुछ नई जानकारी के लिए अपने विश्‍वविद्यालय की वेबसाइट पर झांका तो ये पाया

ScreenHunter_01 Sep. 17 17.58

मतलब विश्‍वविद्यालय की भारी भरकम साइट गायब है उसकी जगह एक नवेली हल्‍की फुल्‍की किसी एडवाइजरी समिति की साइट ने हथिया रखी है जिसका विश्‍वविद्यालय से कोई संबंध नहीं है।

वैसे लगता नहीं कि ये हेकिंग का मामला है क्‍योंकि जो साइट आ रही है वो भी एक सरकारी साइट है जिसका पता बाकायदा इलैक्‍ट्रानिक निकेतन का है। यानि ज्‍यादा संभावना ये है कि बाबूगिरी वाले तरीके से नई तकनीक से खेलने का परिणाम है। उम्‍मीद है हमारा खोया विश्‍वविद्यालय ज्‍ल्‍द ही मिल जाएगा। :))

7 comments:

प्रवीण शर्मा said...

Aisa nahee hai, aapka vishwavidyalay to net par maujood hai, abhi abhi dekha.

मसिजीवी said...

प्रवीणजी अभी शाम 6:33 बजे तक तो इसी CAG के ही दर्शन http://www.du.ac.in/ पर हो रहे हैं। वैसे उम्‍मीद है जल्‍द ही ठीक हो जाएगा।

मैथिली गुप्त said...

हम तो आपके खोने से चिंतित थे:)

संगीता पुरी said...

अब तो ठीक हो गया लगता है !!

Udan Tashtari said...

शुभकामनाएँ तो दे ही दें जल्द मिलने के लिए.

अनिल कान्त : said...

:) :)

मसिजीवी said...

...और लीजिए साईट वापस आ गई है। :)