इस रपट बहुल वातावरण में हम सरीखे हमारे सामने बहुतई दिक्कत है... जब त्वरित रिपोर्टिंगों के चलते एक दो तीन चार पॉंच छ: सात... रपटें आ चुकी हों तो हम का करें। बेचारे एक ही नामवर सिंह है गलत तथ्य भी एक ही दिया है अब इस पर कितनी बार लिखा जा सकता है.... अमृत उत्सव मना चुका व्यक्ति एकाध तथ्यात्मक भूल का हक तो रखता ही है। अपना संकट ये है कि अगर कुछ नहीं लिखा तो कई लोग जिनमें घर के अधिकार-प्राधिकार संपन्न लोग शामिल हैं मान बैठेंगे कि हम इहॉं बस मस्ती करने आए हैं... तो हमारी निम्न बातों पर जरा ध्यान दें कि हम मस्ती नहीं कर रहे हैं खूब काम कर रहे हैं....
सुबह सुबह खून के आसुओं कर पृष्ठभूमि में दो-ठो चाय पीना कम जोर काम नहीं है...
दो क्यों ? अरे साहब हम दम ठोंक कर कहते हैं कि चाय के प्यालों का जितना पतन इस शहर में हुआ है उतना तो सांसदों की गरिमा तक का नहीं हुआ...
हमने खूब अनुमान लगाए कि इस कप का आयतन क्या है पर कोई अनुमान तीस एमएल को छू नहीं पाया।
फिर भी चाय साधुवादी थी....क्यों ? इसलिए कि चायवाला साधु था-
इतने काम को ही ही हम पर्याप्त मानते हैं पर यहॉं तो इलाहाबाद न जाने हमसे कितना काम करवा लेने पर उतारू था..मसलन ये कैथा का अनुभव करना..
न जी इसे कम वीरता का काम न मानें..देखें ये प्रापर इलाहाबादी बालिका तक इस कैथे को चख कैसे उफ कर बैठी हैं-
और जिन को अबहू लग रहा है कि हम कुछ नहीं कर रहे तो बताइए कि अगर ये जो नामवरजी लुड़कत्व को प्राप्त हुए हैं क्या इसमें हमारी कोनो भूमिका नही है...
फिर शाम को अंडा भक्षण...
सुबह पोहा पूजन
रात को गपबाजी के चिरकुट सुख-
इतने काम कर हम बहुत थक गए हैं अनूपजी सर पर सवार हैं चलो नाश्ता करना ही पडेगा...सुबह भी जलेबी 'खानी पडीं'।
चलते चलते आयोजकों की व्यवस्था के विषय में बता दें कि पूरा ध्यान रखा गया है यहॉं तक कि ब्लॉगर संप्रदाय की अनन्य आवश्यकता टंकी तक की व्यवस्था परिसर में है जो चाहे झट टंकी आरोहण कर ब्लॉगत्व को प्राप्त हो... हमारी शिकायत बस यही है कि आयोजकों ने ब्लॉगरों को शिकायत की गुंजाइश न देकर शिकायत-ब्लागिंग की सुविधा नहीं दी है
एक और बात विनीत के आडियो रिकार्डर खो जाने की खबर से घर के लोग परेशान होंगे कि विनीत जैसा सुपर सतर्क बालक अगर गुमाने पर आतुर हो गए हैं तो हम जैसे गुमातुर व्यक्ति क्या होगा... तो आश्वस्त रहें अब तक केवल एक कंघी लापता है...उसकी भी तफ्तीश जारी है। हमारे कमरे के साथी अनूप शुक्ल हैं... ये केवल सूचना के लिए है पिछले वाक्य से इसका कोनो संबंध नहीं है।