हाल में अनुजा की पोस्ट की पोस्ट पढ़ी थी फिर आज लंदन में चल रहे अनीश्वरवादियों के अभियान का भी परिचय मिला। मिलीटेंट नास्तिक नहीं हूँ पर सहानुभूति अनीश्वरवादियों के ही साथ रही है जिसकी वजह तार्किकता पर उनकी आस्था तथा व्यवहार का अधिक लोकतांत्रिक होना रहा है। अनीश्वरवादी ईश्वर को नहीं मानते इसलिए 'उनका ईश्वर' किसी दूसरे के ईश्वर से श्रेष्ठ नहीं होता, पाप पुण्य का हिसाब नहीं रखा जाता जो डरा धमकाकर दलित, स्त्री या अन्य वंचितों का मातहतीकरण हो सके। ये अलग बात है कि मिलीटेंट किस्म के निरीश्वरवाद में कभी कभी आस्थावादियों के लिए उपहास देखने को मिलता है जो हमें नही रुचता (लेकिन पूरी तरह दावा नहीं कर सकते कि हम इससे मुक्त हैं वरना पड़ोस के मंदिर से फिल्मी धुनों के आधार पर बने भक्ति गीतों की कर्कशता इतना न चिढ़ाती) कुल मिलाकर हमारा पंथ रहा है कि प्रत्येक को अपनी आस्था का, जिसमें आस्थाहीन भी शामिल हैं, का अधिकार है। हालॉंकि मानवता का इतिहास बताता है कि धर्मों ने क्रूरता को बढ़ावा ही दिया है और अनीश्वरवाद ने तार्किकता को।
इस सब के बावजूद अनीश्वरवादी सदैव अल्पमत में ही रहे हैं इसलिए वे कभी एकजुट हो कोई संप्रदाय नहीं बन सके हैं। ऐसे में लंदन की बसों पर ईश्वर में विश्वास न होने के आनंद का प्रचार बेहद सुखद महसूस होता है। काश ऐसा कभी अपने शहर में भी हो। यूँ चार्वाक तथा बौद्ध दर्शन मूलत: ईश्वर के न होने में ही विश्वास करते हैं लेकिन वे आधुनिक समय में इसका ऐसा उत्सवीकरण नहीं कर पाते।
यहॉं इस अभियान के बीज शब्द प्रोबेबली (शायद) पर जोर देखें। ईश्वरवादियों की तरह त्रिशूल और ऐके सैंतालीस के दम पर 'हम ही ठीक हैं' के स्थान पर संदेह की गुंजाइश ही इसे इतना आनंददायी सोच बनाती है। ये बात भी कि यदि ईश्वर नहीं है तो वर्तमान जीवन अनूठा तथा खूबसूरत है क्योंकि ये अब फिर नहीं आएगा। इसके बरक्स लंदन की बस पर ही ईश्वरवादियों के निम्न संदेश को देखें-
आतंकवाद से डरे लोगों को पहले विस्फोट की तस्वीर से डराया फिर संदेश: ईसा ने कहा कि जो मुझमें विश्वास रखता है उसका उद्धार होगा- सवाल है जो ईसा में विश्वास नहीं रखता उसका क्या होगा, मतलब मेरा। जवाब है कि नर्क में आग की झील है जिसमें जलना पड़ेगा (मानो ईश्वर झील का लाइफ गार्ड हो, और अगर वो इतना ही अच्छा है तो कमबख्त आग की झील जैसी बुरी तकलीफ देनेवाली चीज बनाई ही क्यों...उफ्फ देखा मैं उपहास करने लगा) इस अभियान का आधिकारिक अंतर्जालस्थल ये है तथा एक वीडियो जिसमें वे अपने अभियान के पक्ष को स्पष्ट कर रहे हैं आप नीचे देख सकते हैं।