Friday, February 09, 2007

भाई महाशक्ति अपना उपहार ले जाओ


आ ही गया पकड़ में। लीजिए हाजिर है।

4 comments:

Sunil Deepak said...

बेचारा!

mahashakti said...

अपना पता दीजिये आ जाता हूँ लेने के लिये, मेरी बिल्‍ली के नाश्‍ते के काम आयेगा। :)

डरने की बात नही है मेरे पास कोई जानवर नही है।

@ सुनील जी,

बेचरा मै हूँ या चूहा आप किसके लिये कह रह ?

Divine India said...

आखिर फंदे में आ ही गया!!!

अन्तर सोहिल said...

आदरणीय मसिजीवी जी

पिछ्ली और इस पोस्ट में चूहे के फोटो नही दिख रहे हैं।

प्रणाम