Friday, February 16, 2007

खूबसूरत देह का गोदना और कंठ पार्श्‍व पर विराजमान हिंदी जीत

हम बैठे सुबकाते ही रहे और हमारी हिंदी देखो कहॉं से कहॉं जा सवार हुई। अपनी एक पोस्‍ट में हम टसुए बहाए जा रहे थे कि कैसे गोदना विमर्श में हिंदी हाशिए पर रह जाती है........पर अब वे दिन हवा हुए। उठाइए आज का अंग्रेजी दैनिक हिंदुस्‍तान टाइम्‍स- देखिए मुखपृष्‍ठ और जानिए कि खूबसूरत जिस्‍मों के गोदने (टैटू) में हिंदी कैसे आकंठ (वैसे गर्दन के पी‍छे को कंठ-पार्श्‍व कहना चाहिए) विद्यमान है।


फोटोग्राफ का स्रोत दिव्‍याँग्‍यु सरकार बताया गया है। इटली की टेनिस सुंदरी मारा सेंटान्जिलों को यह वांछित जीत हासिल भी हुई जब उन्‍होंने अपनी विरोधी को 3-6, 7-5,6-2 से हरा दिया। अब मारा सेंटान्जिलों, उनके कंठ पार्श्‍व, और टेनिस कौशल के बारे में हम तो अपने एकमात्र हिन्‍दी-इतालवी ब्‍लॉगर सुनील दीपक जी के ही आसरे हैं। उन्‍हीं से पूछते हैं क्‍यों श्रीमान क्‍या कहते हैं ???

4 comments:

संजय बेंगाणी said...

आज सुबह जब अखबार में यह तस्वीर देखी तो सोचा, चलो हिन्दी अब सजावट की भाषा भे बन रही है :)

Udan Tashtari said...

गर्दन पर हिन्दी-जीत गये!! :)

miredmirage said...

:)
घुघूती बासूती
ghughutibasuti.blogspot.com

miredmirage said...

अब गर्दन पकड़कर लोगों को हिन्दी पढ़वा नहीं सकते तो उनकी गर्दन पर लिख तो सकते हैं ।
घुघूती बासूती
ghughutibasuti.blogspot.com