Sunday, February 25, 2007

ब्‍लॉग मंडी में हमारा भाव......फर्जी है भई फर्जी है

भोला भाई ने बड़े भोलेपन से सुझाया कि हम जाकर मंडी में अपना बाजार भाव पता करके आएं। हम भी उसी भोलेपन से चले गए। और लीजिए जबाब हाजिर है।





ठीक है हम हिंदी वाले हैं और सारी दुनिया ऐसे सनकी लोगों को चंपक समझती है पर इतने भी नहीं हैं कि मात्र 12 लाख 130 डालर में बिक जाएं हुए ही कितने 48 रुपए से लगाएं तो 5 करोड़ 76 लाख......भई हमें अंडरवैल्‍यू किया जा रहा है। एक और साईट पर गए उनका कहना ये था

तो हमारा फैसला......फरजी है भाई सब फरजी है।


2 comments:

Udan Tashtari said...

हमारा ब्लॉग तो कौडी का नहीं इस पर. सच में फर्जी है. :) आओ, मिलकर हाथ उठायें श्रेणी. हा हा!!! :)

संजय बेंगाणी said...

सब जगह फर्जीवाड़ा है. :)