Friday, June 22, 2007

हैरी पुत्‍तर और जादू की छड़ी

हा हा हा...ये भी मजेदार रहा।

क्‍या ये........तो लीजिए इसे देखें।


4 comments:

मसीजीवी की आत्मा said...

ये आप के अनुरूप नही,छोटे बालको वाले काम है पाचवी क्लास के,कहा आप हिन्दी नामी गिरामी के रीडर,
अच्छा नही लगा

sajeev sarathie said...

अरे यही तो आप हैं ... मसीजीवी जी ..... खुद को ही भूल गए क्या ... वीडियो शानदार था

masijeevi said...

हे मेरी छद्म आत्‍मा, मैंने जिस संस्थान से शिक्षण प्रशिक्षण्‍ा पाया है (CIE) उसके प्रवेशद्वार पर ही लिखा है कि जिसने अपना बचपन खो दिया वह शिक्षण जैसे कार्य के लिए उपयुक्‍त नहीं- इसलिए भई अपन तो इस पॉंचवी-चौथी की चीजों में आनंद लेते ही हैं- बाकी जैसी आपकी इच्‍छा।

अनामदास said...

मज़ेदार
अनेक साथियों को फार्वड कर दिया गया. धन्यवाद