Thursday, July 12, 2007

क्‍या आप भी विंडोज लाइव राइटर इस्‍तेमाल करते हैं ?

 

है तो ये पोस्‍ट भी एक किस्म की परीक्षण पोस्‍ट ही पर छीछालेदार न हो इसलिए एक छोटी सी पोस्‍ट लिख ही डाली जाए।  हम कुछ समय से एक ऐसा औजार खोज रहे थे जो ऑफलाइन ही पोस्‍ट लिखने और सजान, लिंक देने आदि की सुविधा दे, हो सके तो समय आदि भी तय करने की भी ताकि हमारी इच्‍छा से पोस्‍ट पब्लिश हो और हमारी निर्भरता इस लगातार ऑनलाइन रहने पर से कम हो। हमें सुझाव दिया गया कि विंडोज लाइव राईटर ट्राई करें। सो कर रहे हैं।

सबसे पहले इसे डाउनलोड किया पर इसे आसान न मानें इस पच्‍चीसेक एमबी के डाउनलोड में हमारे एमटीएनएल ब्राडबैंड ने बैंड बजा दिया। पच्‍चीसेक इसलिए कि डाट नेट भी मांगता है जो समझदार लोगों के सिस्‍टम में पहले ही होता है पर हम तो ठहरे....

 

खैर जैसे तैसे  रात के 1.55 पर ये दोनों इंस्‍टाल तो कर लिए हैं, एक परीक्षण पोस्‍ट टेस्‍टब्‍लॉग पर डाली भी पर लगता है कुछ पंगे बचे हैं- मसलन तस्‍वीर डालने की कोशिश की तो पता चला कि हमारा ब्‍लॉगर ये सुविधा नहीं दे रहा है कि सीधे तस्वीर डाल सकें, कुछ एफटीपी जैसी चीज करने को कह रहा है- कुछ कुछ याद है पर ये तो हम 5-6 साल पहले किया करते थे अब तब वहीं तो नहीं होगा मामला।

कुल मिलाकर अब हमारी ब्‍लॉगिंग में हम एमटीएनएल के रहमोकर्म पर कुछ कम निर्भर हो गए हैं...या अभी तक तो ऐसा लगता ही है। आप भी ट्राई करें....अगर पहले से कर रहे हैं तो बताएं कि तस्‍वीर कैसे डालें

7 comments:

Udan Tashtari said...

अच्छा, पहले एक चुटकुला सुनो:

एक बार एक नौकरी का विज्ञापन देख एक सज्जन साक्षात्कार के लिये पहुँचे.
उनसे पूछा गया: टाईपिंग आती है?
बोले: नहीं.
फिर; शार्ट हैण्ड?,
फिर बोले: नहीं.

एकाउन्ट, फाईलिंग आदि के लिये भी पूछा गया, हर सवाल का जबाब: नहीं.

तो मालिक ने पूछा: फिर आप साक्षात्कार को क्यूँ आये?
तब उसने कहा कि मैं यह बताने आया कि मेरे भरोसे मत रहना. किसी और को रख लिजियेगा.


-अब क्या टिपियाये? हम तो विंडो लाईव राईटर इस्तेमाल ही नहीं करते. बस यही बताने आये थे कि हमारे भरोसे मत रहियेगा. कोई और बताये तो समझ लिजियेगा. :)

Tarun said...

हम तो नही करते लेकिन काफी पहले श्रीश ने लिखा था इसके बारे में

अनूप शुक्ला said...

हम जानते हैं लेकिन बतायेंगे नहीं। :)

Shastri J C Philip said...

कृपया यह लेख देखें

http://sarathi.info/archives/213

फिर अपना खुद का डोमेन खरीद लें. वहां इस एफटीपी का चक्कर नही रहेगा. कुछ सालों में विज्ञापनों द्वारा कुछ नगद नारायण भी मिलने लगेगा.

masijeevi said...

शुक्रिया शास्‍त्रीजी, आपकी पोस्‍ट से ही प्रेरणा पाकर हाथ आजमाए हैं। अभी फोटो अपलोड का जुगाड़ नही हो पाया है- दिशा दें।

RC Mishra said...

मसिजीवी जी, आप फोटो अपलोड कर सकते हैं, FTP से अगर आप चाहें तो हम आपको, यूजर नेम पासवर्ड भेज देंगे, ये भी कि कैसे सेट-अप करें।

अधिक जानकारी के लिये कृपया ई मेल करें।

Shrish said...

अजी हम तो लाइव राइटर के पुराने फैन हैं, कभी इस पर एक महापोस्ट लिखी थी।

लाइव राइटर के फायदे अनेक हैं, मेरे जैसे लंबी पोस्टें लिखने वालों के लिए तो यह वरदान है। साथ ही बहुत से और फायदे जिन्हें आप उपरोक्त लेख में पढ़ सकते हैं।

ब्लॉगर के साथ यह दो काम नहीं कर सकता। एक तो लेबल नहीं लगा सकता, दूसरा इमेज अपलोड नहीं कर सकता।

इस बारे लाइव राइटर की फोरम पर बहुत पहले मैंने पूछा था तो जवाब मिला कि लेबल की सुविधा अगले वर्जन से मिलेगी। बाकी ब्लॉगर किसी बाहरी सेवा के द्बारा इमेज अपलोड करने की सुविधा नहीं देता है (इसके लिए गूगल ने API सक्षम नहीं की), इसमें लाइव राइटर का कसूर नहीं।

इसलिए हम पहले लाइव राइटर से पोस्ट लिखते हैं, फिर ब्राउजर में संपादित कर लेबल और इमेज जोड़ते हैं।